किसानो का इमरान को ऑफर POK दो और टमाटर लो

जब से पाक में इमरान खान की सरकार बनी है तब से वहा के प्रधानमंत्री को किसी न किसी प्रकार की मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है ,वहा के लोगो ने उनको वोट इसलिय दी थी ताकि वो नया पाक बनाये .पर उनके आने के बाद लोग अब उनके खिलाफ हो गए है ,उसकी सबसे बड़ी वजह है बढती महंगाई वहा पर सब चीजों के दाम आसमान छु रही है .जब से इंडिया ने टमाटर की सप्लाई रोक दी है तब से वहा टमाटर के दाम दो सो रुपये किलो हो गए है ,और लोग अब सब्जी में टमाटर को देखने को भी तरस गए है .और नोबत यहा तक आ गयी है की वहा के लोग अब इमरान खान को प्रधान मंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे है .वो बोलते है की नवाज शरीफ का टाइम ही सही था जब महगाई नहीं थी.

पर अब हिंदुस्तान के किसानो ने इमरान खान को एक ऑफर दिया है जो की बहुत ही दिलचस्प है ,और जो भी ये बात सुन रहा है अपनी हसी नहीं रोक प् रहा है .यहा के किसानो ने उनको ऑफर दिया है की POK दो और सस्ते में टमाटर लो ,इतना ही नहीं उन्होंने ये भी बोला है की 2008 में मुम्बई के लिए माफ़ी भी मांगे .

दरअसल जब से पाक और हिंदुस्तान में आपस में तनाव बड़ा है तब से वहा टमाटर के दाम ज्यादा हो गए है ,वहा टमाटर 500 रुपये किलो हो गए है .लोग टमाटर की जगह सब्जी में दही का प्रयोग कर रहे है सब्जी में जायका लाने के लिए ,टमाटर के दामो के बड़ने के कारण वहा एक शादी में दुल्हन ने टमाटर की माला पहनी जो की इमरान के ऊपर एक तरह से कटाक्ष था .साथी ही साथ उस दुल्हन ने टमाटर की सभी ज्वेलरी पहनी थी .

करतारपुर कोरिडोर क्यों है सिख समाज के लिए खास जाने इतिहास

सिख समाज के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी वो पहले गुरु थे जिन्होंने सिख समाज की नीव रखी थी ,गुरु नानक देव जी ने करतारपुर साहिब में कई साल बिताये लेकिन भारत पाकिस्तान के बटवारे के बाद सिख समाज अपनी गुरु की धरती के दर्शन को तरस गए थे .पंजाब के लोग सिर्फ बॉर्डर से ही गुरु नानक देव जी की धरती के दर्शन करते रहते थे ,पर इमरान खान जो की पाकिस्तान के प्रधान मंत्री है और मोदी जी के प्रयास से करतारपुर कोरिडोर खुल गया .अब सिख समाज  आसानी से गुरु नानक जी की धरती के दर्शन कर सकते है ,लेकिन इसके पीछे के इतिहास को आपको नहीं पता होगा तो चलिए आज हम आपको करतारपुर के बारे में विस्तार से बताते है .

kartarpur

करतार पुर साहिब का धार्मिक और इतिहासिक दोनों तरह से महत्व है ,करतारपुर में जो गुरुद्वारा है वो रावी नदी के किनारे बना हुआ है डेरा बाबा नानक से करतारपुर की दुरी केवल चार किलोमीटर है .और लाहोर से इसकी दूरी 120 किलोमीटर है मान्यता है श्री गुरु नानक देव जी ने अपने अंतिम दिन इसी स्थान पर बिताये थे ,श्री गुरु नानक देव जी ने अपने 15 साल यही गुजारे थे .ये भी माना जाता है की 1539 में गुरु नानक देव जी का इसी गुरद्वारे में निधन हुआ था .

करतारपुर साहिब के दर्शन करतारपुर कोरिडोर बन्ने से पहले लोग दूरबीन से ही इनके दर्शन करते थे ,सिख समाज के लोग बॉर्डर इस इस पर एकत्र हो कर विभिन्न पर्वो पर दूरबीन से दर्शन करते थे .करतारपुर कोरिडोर बनना चाइये इसकी मांग सन 1999 में उठी थी ,ये उस समय की बात है जब बीजेपी के प्रधान मंत्री श्री अटल बिहारी वाजपयी थे और उसी समय बस सेवा शुरू हुई थी .लेकिन अब नवजोत ,मोदी और इमरान खान के कारन इसका निर्माण हुआ .अगर आपको पोस्ट अछि लगे तो शेयर जरूर करे .

कपिल ने अर्चना पूरण सिंह का उड़ाया मजाक ,लोग बोले वो बेजती के नहीं लेती पैसे

आप में से कोई ही ऐसा होगा जो कपिल शर्मा और उनके शो के बारे में नहीं जानते होगे ,उनके शो का नाम है कपिल शर्मा शो जो की सोनी टीवी पर आता है .पर ये शो हमेशा से विवादों में रहा है सबसे पहले जब नवजोत सिंह सिधु पाकिस्तान गए तो उनको इस शो से हटाने के मांग होने लगी .तो सोनी वालो ने नवजोत सिंह सिदु को इस शो से बाहर करके अर्चना पूरण सिंह को ले लिया ,इस से पहले भी जब डॉ गुलाटी की कपिल ने बेजती की तो उसने भी ये शो छोड़ दिया .अब दुबारा से इस शो की चर्चा चारो तरफ हो रही है ,हाल में ही कपिल शर्मा ने एक विडियो पेश किया जिसमे वो अर्चना का मजाक उड़ाते हुए नजर आ रहे है .इस विडियो को देखने के बाद यूजर ने कपिल शर्मा को आड़े हाथो लिया .

कपिल शर्मा शो की टी आर पि बहुत ही अछि चल रही है ,और हाल में ही कपिल शर्मा ने अर्चना पूरण सिंह की बेजती करते हुए एक विडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया .पर कपिल शर्मा को ये विडियो शेयर करना बहुत महंगा पड़ा ,क्योकि उनके फेन ने उनको अछि तरह ट्रोल किया .
Archna Puran singh
वही एक यूजर ने लिखा है की डिअर कपिल शर्मा अर्चना को पूरी इज्जत दीजिये ,मान लिया हमने की ये एक कॉमेडी शो है पर वो एक नारी है और उनकी ज्यादा बेजती करना सही नहीं है .वो लिखता है जब आप उन पर कमेंट करते है तो आपके शो से हमारा मन उठ जाता है ,हमें नहीं लगता की वो अपनी बेजती करवाने के पैसे लेती है .कपिल शर्मा ने एक विडियो शेयर किया जिसमे वो एक चाक़ू ले कर केक काटते हुए नजर आ रही है ,तो कपिल शर्मा लिखते है की इंसान थोडा खा ले पर अर्चना तो चाकू ले कर ही केक पर अटैक कर दिया .

डेंगू बुखार से पाए बहुत ही आसानी से निजात

डेंगू और चिकनगुनिया के मरीज दिन पर्तिदिन बड रहे है ,और कम होने का नाम ही नहीं ले रहे लोगो की शिकायत है की हॉस्पिटल में उनका पूरा इलाज नहीं हो रहा है .हम हमेशा अंग्रेजी दवाई के चक्कर में पड़े रहते है और ज्यादा तर लोगो को अंग्रेजी दवाई पर ही विश्वाश होता है ,पर हमे ये नहीं पता की आयुर्वेदिक में इस रोग का बहुत ही आसान इलाज है .अगर हम देसी दवाई का इस्तेमाल करे तो इस बीमारी से आसानी से निजात  पा सकते है .योग गुरु बाबा रामदेव ने कुछ ऐसे तरीके बताये जिस से हम बहुत ही जल्द रिकवर हो सकते है .लेकिन इस बीमारी का इलाज बताने से पहले हम आपको ये बतायेंगे की इस बुखार के क्या लक्षण है और हम कैसे पता लगाये की हमे डेंगू बुखार है .

ये बुखार दुसरे बुखारो से कुछ अलग है ये एक ऐसे मछर के काटने से होते है जो की ज्यादा नहीं उड़ सकता वो केवल तीन फूट तक ही उड़ सकता है .इस मछर के काटने के हफ्ते बाद इस बीमारी के लक्षण सामने आते है .सबसे पहले मरीज को तेज बुखार आता है और ठण्ड लगनी शुरू हो जाती है .इसके बाद आदमी के जोड़ो में दर्द शुर हो जाता है ,और कभी कभी आँखों के पीछे दर्द होता है साथ ही साथ  मरीज के प्लेट लेट्स कम होना शुर हो जाते है .अगर हम तुरंत इलाज जा करवाए तो काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

अब आपको लक्षणों का पता लग गया है तो आये अब हम इसका इलाज भी आपको बताते है ,हम सबसे पहले आपको ऐसा तरीका बताते है जो आपके घर में ही मिल जायेंगा .आपको क्या करना है सबसे पहले गिलोय की बेल का तना लाना है उसको कूट कर पानी में मिला लो एक गिलास में ,उसमे आपको पपीते के पते डालने है थोडा सा उसमे श्यामा तुलसी डालनी है .जब आप एक गिलास पानी में उबलोंगे तो जब आधा रह जायेंगा तो आपको उसको घुट घुट करके पीना है .इस बीमारी में नारियल पानी भी बहुत फायदा देता है .अगर आपको ये नुस्खा सही लगे तो अपने मित्रो के साथ जरूर शेयर करना .

सोशल मीडिया और ट्विटर से नहीं जुड़ेगा आधार कार्ड

आज लोकसभा में मोदी सरकार ने ये स्पष्ट कर दिया है की वो आधार कार्ड को सोशल मीडिया और ट्विटर से नहीं जोड़ेंगी ,ना ही ऐसा कोई प्रस्ताव है ,आपको बता दे की पहले बी कोर्ट ने आधार कार्ड को सोशल मीडिया और ट्विटर से जोड़ने की अर्जी ख़ारिज कर दी थी .ये मामला काफी टाइम से सोशल मीडिया और दूसरी जगह उठ रहा है की सोशल मीडिया को आधार कार्ड से जोड़ने से गलत न्यूज़ फ़ैलाने वालो पर लगाम लग जाएँगी .दावा किया जा रहा है की इसके पीछे कारन है फेक और पेड न्यूज़ को रोकना जो माहोल ख़राब करती है ,और पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने ये अर्जी ख़ारिज कर दी थी .

भारतीय जनता पार्टी के नेता और वकील अश्विनी कुमार ने पिछले दिनों हाई कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी की आधार कार्ड को सोशल मीडिया से जोड़ने पर फेक अकाउंट और फेक न्यूज़ पर काफी हद तक लगाम लगायी जा सकती है .और जो ये काम करेंगा उस को पकड़ने में आसानी मिल जाएँगी .

इस से पहले कोर्ट ने कहा की फेसबुक ,ट्विटर और तमाम सोशल मीडिया को आधार कार्ड से जोड़ने पर सरकार गाइड लाइन ला रही है ये हमने सुना है .पर हमें यूजर की निजता का ख्याल रखना चाइये क्योकि इन्टरनेट वाइल्ड वेस्ट की तरह है इसलिए हमें बहुत ही सतर्कता बरतने की जरूरत है .कौर्ट ने कहा की इस मामले में सरकार और आईटी डिपार्टमेंट को इस समस्या को देख भाल कर इसका हल निकालना चाइये .

इस गाव में सतानवे साल से जनसँख्या नहीं बड़ी ,कारण है बेहद अजीब

चीन के बाद भारत ही एक ऐसा देश है जहा की जनसख्या सबसे ज्यादा है ,और श्याद थोड़े दिनों में भारत चाइना को पीछे छोड़ देगा इस मामले में ,पर हम आपको आज एक ऐसा गाव दिखाना चाहते है भारत का जो आपको सोच में दाल देंगा .भारत में एक ऐसा गाव है जिसकी जनसँख्या 1922 में भी 1700 थी और आज भी इतनी ही है यानि की सतानवे साल में भी जनसँख्या में कोई फरक नहीं पड़ा .क्यों घूम गया सर इसका कारन है की यहाँ पर हर घर में सिर्फ दो ही बच्चे है और ये लोग लड़का और लड़की में भेदभाव नहीं करते .पुरे संसार में हर समस्या का कारण जनसख्या को मानते है क्योकि हमारे सब संसाधन सिमित है और प्रयोग करने वाले ज्यादा पर बेतुल का ये धनोरा गाव इस मामले में दुनिया का ब्रांड साबित हो सकता है .

धनोरा के इस गाव की पिछले सो सालो से जनसख्या नहीं बड़ी और वही की वही टिकी हुई है पर क्या आप जानते है इसके पीछे भी एक कहानी है .यहाँ के रहेने वाले एक आदमी बताते है की वर्ष 1922 में यहाँ कस्तूरबा गांधी आई थी और यहाँ पर कांग्रेस का एक जलसा हुआ था ,उसमे उन्होंने कहा था की अगर परिवार को खुशहाल रखना है तो छोटा परिवार ही सुखी परिवार के नारे पर अमल करना होगा .

गाव वालो ने कस्तूरबा गांधी की उस बात को पत्थर की लकीर मान लिया और गाव में परिवार नियोजन का रास्ता अपना लिया ,बड़े बुजुर्ग ये कहते है की गांधी की बात ऐसे दिमाग में बेठी की लोगो ने दो से ज्यादा बच्चे न जन्म देने की कसम खा ली .जिस भी परिवार में दो बच्चे हो जाते है वो अपना परिवार नियोजन करवा लेता है ,चाहे उस परिवार में दो लडकियों ने ही क्यों न जनम लिया हो .यहाँ के लोग लड़का और लड़की में भेद नहीं करते और परिवार नियोजन की राह पर नियम पूरवक चलते है .वैसे ही हमारे देश में भी कानून बनना चाइये की दो से ज्यादा बच्चे करना कानूनी जुर्म हो जिस से बढती हुई जनसख्या पर लगाम लगा सके .

हनिप्रीत हो रही राम रहीम से मिलने को बेकरार ,हरियाणा के मंत्री ने दिया ये जवाब

वैसे तो हमारे देश में अन्धविश्वास की कमी नहीं जिसका फ़ायदा ये बाबा लोग उठाते है और अपने बिज़नस को बड़ा करते है ,आपने पिछल दिनों सुना ही होगा की कई बाबा जेल में बंद कर दिए गए .इन बाबा में आशाराम ,राम रहीम और भी कई बाबा जेल में बंद है ,पर इन सब में जो सबसे ज्यादा सुर्खी बटोर रहे है वो है राम रहीम .पंचकुला हिंसा मामले और डेरे में हुए कुछ गलत कामो के लिए राम रहीम जेल में बंद है ,साथ ही साथ हनिप्रीत भी जेल में बंद थी .पर अभी कुछ दिनों पहले हनिप्रीत जेल से बहार आई और उसने बहार आते ही राम रहीम से जेल में मिलने की पूरी कोशिश कर रही है .लेकिन अब ये लग रहा है हरियाणा में बीजेपी सरकार हनिप्रीत को राम रहीम से मिलवाने के पक्ष में है .

इस मामले में सरकार के एक मंत्री ने बोला की दोषी से मिलने का अधिकार सबको है ,राज्य के गृह मंत्री ने बोला की जैसे की एक आम आदमी जेल में बंद किसी से भी मिल सकता है .वैसे ही हनिप्रीत को जेल में बंद राम रहीम से मिलने का पूरा अधिकार है और इस अधिकार का हनन नहीं होना चाइये .अनिल विज ने कहा की हनिप्रीत ने राम रहीम से मिलने के लिए आवेदन दिया है और सरकार इस आवेदन पर कानूनी सलाह ले रही है .पर इस मामले में अभी कोई भी निर्णय नहीं लिया गया जब कोई फैसला लिया जायेंगा तो वो हनिप्रीत को बता दिया जायेंगा ,अगर कोई दिक्कत नहीं हुई तो .

दूसरी तरफ अधिकारियों का कहना है की अगर हनिप्रीत राम रहीम से मिलती है तो ये कोई साजिस हो सकती है ,जिसके कारन राज्य की कानून वयवस्था ख़राब हो सकती है .पुलिस ने जेल अधिकारिओ को एक रिपोर्ट सोपी है जिसमे उनकी आपस में मुलाक़ात की वकालत नहीं की है ,पुलिस को डर है की इसके पीछे कोई योजना हो सकती है .इस से पहले राम रहीम ने परोल की मांग की थी जिसको कोर्ट ने नामंजूर कर दिया था ,राम रहीम के करोड़ो में फोल्लोवेर है .

रानू मंडल का किया ऐसा मेकप लोगो ने दिए तरह तरह के रिएक्शन

उपरवाला ऐसा उसका ये नहीं पता कब किसी को फर्श से उठाकर आसमान पर बिठा दे ,आपको रानू मंडल के बारे में तो याद ही होगा जो रेलवे स्टेशन पर गाना गाती थी .पर जब एक लड़के की उस पर नजर पड़ी तो उसने उसकी गाना गाते हुए की विडियो बना ली ,और संगीतकार ने उन्हें गाने का मौका दिया जिस से वो रातो रात फेमस हो गयी .उसके बाद से रानू मंडल सोशल मीडिया पर छा गयी ,पर अभी अभी एक ऐसा काम हुआ जिसके कारण उनको लोगो ने बहुत ट्रोल किया अब आप सोच रहे होगे ऐसा क्या हो गया .रानू मंडल की मेकप करी हुई फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की उनका अजीबो गरीब मेकप देखकर सबके होश उड़ गए .क्योकि जिसने उनका मेकप किया उन्होंने उनको कार्टून बना दिया उन्होंने उनके शारीर के रंग से ज्यादा चमकदार मेकप कर दिया .

लेकिन आपको ये बता दे की ये पहली बार नहीं की जब रानू मंडल का सोशल मीडिया पर मजाक उड़ा ,कई बार पहले भी उनके साथ ऐसा कुछ हुआ की उनके साथ सोशल मीडिया पर यूजर ने मजाक उड़ाया . तो आईये बताते है आपको कब कब उनके साथ ये हुआ .

आपको तो याद होगा हिमेश रेशमिया ने लता मंगेशकर के एक गाने को रानू मंडल से गवाया ,जिसके कारन रानू मंडल रातो रात इन्टरनेट और सोशल मीडिया पर फेमस हो गयी .वो भी इसलिए की उनको स्टेशन पर गाते हुए एक आदमी ने उनका विडियो बना  दिया था ,रानू के फेमस होने के बाद कुछ बन्दों ने ऐसी अपवाह उड़ाई की सलमान खान ने उनसे प्रभावित हो कर मुंबई में उनको पचपन लाख का मकान गिफ्ट किया .और साथ ही साथ उनको एक कार भी दी है और आपने वाली फिल्म दबंग तीन में गाने का मोका दिया ,पर ये सब खबरे गलत थी .जब उनके बारे में लता मंगेशकर से पूछा गया तो उन्होंने कहा की अगर मेरे नाम और गाने से किसी का भला होता हो तो ये अच्छा ही है .पर ये भी कहा की नकल ज्यादा दिन नहीं चलती .

पाक में हो सकता है तख्तापलट ,इमरान खान बाजवा से मिलकर गए छुट्टी पर

इन दिनों पाकिस्तान में अजीब सा माहोल बना हुआ है ऐसा लग रहा है की शायद इमरान खान की सरकार का तख्ता पलट हो सकता है ,क्योकि इमरान खान अचानक से बाजवा से मिलकर छुटी पर चला गया है .ऐसा हम इसलिए भी कह रहे है क्योकि इमरान खान सरकार को जो दुसरे दल समर्थन दे रहे है उनके साथ इमरान खान की मुलाक़ात हुई फिर सेना परमुख बाजवा के साथ मुलाकात हुई ,तब से इमरान खान के चेहरे के हाव भाव कुछ बदले हुए नजर आये .और उसके तुरंत बाद ही इमरान खान छुटी पर चले गए इसके कारण ही ये कयास लगाये जा रहे है .पाक के मशहूर न्यूज़ पेपर जंग के अनुसार राजनितिक पंडितो की काफी दिनों से इस मुलाकात पर नजर थी .

सारे राजनितिक पंडितो ने एक बात को नोट किया की कई बन्दों की मुस्कराहट रुक नहीं रही थी और कई बन्दों के चेहरे पर गंभीरता ख़तम नहीं हो रही थी .अगर राजनितिक पंडितो का ये अनुमान सही है तो ये पाक और हिंदुस्तान दोनों के लिए सही नहीं है और हिंदुस्तान को उनके इस घटना करम पर पेनी नजर बनायीं रखनी चाइये .आपको ये भी बता दे की इमरान खान अपने सारे काम काज रोक कर एक दम से छुटी पर चले गए जो की सब को अचम्भित करने वाला है .

जो इमरान खान को जानते है वो बोलते है की जब तक वो जागते है वो आधिकारिक कामकाज में ही लगे रहते है और उनकी छुटी की कोई पूर्व योजना भी नहीं थी ,ऐसे में क दम से दो दिन की छुट्टी लेना सब को सकते में दाल रहा है .उन्होंने अपने एक साल के कार्यकाल में एक भी छुट्टी नहीं ली है ,कुछ ने तो ये लिख दिया की इमरान खान को भी अपने परिवार के साथ थोडा सा समय निकलना चाइये इसलिए वो दो दिन की छुटी पर गए है .कुछ तो उनका मजाक भी बना रहे है और बोल रहे है की प्राइम मिनिस्टर जी जो आपको दो दिन की छुटी मिली है उसमे ही आप प्लान बना लीजिये की जो आपको लम्बी  छुटी मिलनी वाली उसमे आप क्या करोंगे.

31 कंप्यूटर की बराबरी करने वाले महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह की कहानी

हमारे देश में प्रतिभा की कमी नहीं है अभी हाल में आंइस्टीन के सिदांत को चुनोती देने वाले नारायण सिंह की हाल में ही मृत्यु हो गयी ,उनके बारे में ये कहा जाता है की अगर वो सरकारी उपेक्षा का शिकार न होते तो उनकी गिनती दुनिया के बड़े वैज्ञानिक में होती .उनके बारे में ये कहा जाता है की उनका दिमाग कंप्यूटर से भी तेज चलता था पर सरकार ने कभी भी उन पर ध्यान ही नहीं दिया .उनका 74 साल की उम्र में निधन हो गया वो दिमाग के बीमारी से लम्बे समय से पीड़ित थे पर क्या आप जानते है की उन्होंने आंइस्टीन के सिदांत को भी चुनोती दे दी थी .आये उनके बारे में और जानते है और उनसे जुड़े दिलचस्प किस्सों को सुनाते है .

बिहार के रहने वाले वसिष्ठ जी 1946 में पैदा हुए थे वो बचपन से ही बहुत ही मेघावी थे ,उन्होंने बिहार के सबसे बड़े नेतरहाट की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया था .इनकी प्रतिभा को देखते हुए ही पटना विशवविधालय ने अपने नियम बदल कर और उनको एक साल में बी एस सी की डिग्री दे दी थी .उनकी प्रतिभा का इस बात से ही अंदाजा लगाया जाता है की जब उनके प्रोफ्फेस्सर उनको गलत पडाते थे तो उनको बीच में टोक देते थे .जिनके कारण उनको सारे यूनिवर्सिटी में वैज्ञानिक जी बुलाते थे उनको ,कॉलेज की पढाई के दौरान उन्हें अमेरिका आने का न्योता मिला और नारायण जी अमेरिका चले गए .और वहा से उन्होंने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की और वहा ही वो अध्यापक के रूप में नियुक्त हो गए .

नारायण जी ने कुछ दिन नासा में भी काम किया और उन्होंने आंइस्टीन के सिदांत को चुनोती दी ,वो भी अपने एक शोध पत्र के अनुसार जिसका नाम था द पिस ऑफ़ स्पेस थ्योरी और उन्हें पीएचडी की डिग्री भी इसी शोध के कारण मिली .उनके बारे में कहा जाता है की जब नासा अपोलो स्पेस यान लांच कर रही थी तो 31 कंप्यूटर बंद हो गए थे ,जब कंप्यूटर ठीक किये गए तो उन कंप्यूटर की गणना और नारायण जी की गणना एक समान निकली .पर बेहद अफ़सोस की बात है अंत समय में उनको एक एम्बुलेंस तक नहीं मिली .यही हमारे भारत देश की कमी है यहाँ टैलेंट बहुत है पर सरकार कभी ध्यान नहीं देती ,हमारी पूरी टीम की तरफ से उन्हें श्रदांजलि .